संदेश

सांकरी उत्तरकाशी ,अविस्मरणीय यात्रा मार्च 2024

 # सांकरी उत्तरकाशी से #Kalki  कलाप गांव व एक सपना 29 .03.25 टन्स घाटी को  #महाभारत की जन्मभूमि कहा जाता है और उत्तराखंड का कलाप गांव भी इसी घाटी में है। यही कारण है कि यहां के लोग खुद को कौरवों और पांडवों का वंशज बताते हैं। माना जाता है कि कलाप के लोग महाभारत के पांडवों और कौरव भाइयों के वंशज हैं। वास्तव में, कलाप में मुख्य मंदिर पांडव भाइयों में से एक कर्ण को समर्पित है। गांव के स्थानीय लोगों से बात करेंगे तो आपको महाभारत से जुड़े आकर्षक किस्से और सुनने को मिलेंगे। इस गांव में कर्ण का मंदिर है। इसीलिए यहां कर्ण महाराज उत्सव भी मनाया जाता है। ये विशेष उत्सव यहां 10 साल के अंतराल पर मनाया जाता है। केवल इतना ही नहीं, जनवरी के महीने में यहां पांडव नृत्य भी किया जाता है, जिसमें महाभारत की कई कथाओं का प्रदर्शन किया जाता है। ये जगह काफी दुर्गम माना जाता है। यही वजह है कि यहां जो कुछ भी लोग खाते-पीते या पहनते हैं, वो सब कुछ कलाप में ही बनता है इसी वजह से यहां के लोग अभी तक खुद को पांडवों और कौरवों का वंशज बताते हैं. देहरादून से ये महज 210 किलोमीटर की ही दूरी पर है..सांकरी ...