कविता 28 जून 24
ब्लॉग 1 कविता
लहरों के गीत और जीवन संगीत
समुद्र की गहराई से उठी लहरें,
भूलाएं गमों के दर्द, दुख के फेरे।
बादलों की घनी चादर ऊपर बरसी
हर तरफ बस मुस्काने।
आओ ढूंढ़ ले इन लहरों में
अपने सपने सुहाने .....।
जीवन तो है एक रहस्य
और अनमोल हैं ये पल ,
इन लहरों के साथ ही गूंजते है
जीवन संगीत के तराने ।
घने बादलों में छुपा है
एक रहस्य अनजान,
इस गर्जन में बिजली की चमक
देती है सन्देश एक अनजान ।।
स्वर्गिक है ये नजारा
तभी तो लहरों की तरंगों में
झूम उठे मन का बचपन ।
कभी न ये नजारे हटे
कभी न ये सितारे बुझे
मन के आँचल में ह्रदय तरंगित होता रहे विचारों के सागर में
प्यार के नगमे गाता रहे .....
और चलता रहे - अनवरत निरन्तर
जीवन का अनहद नाद
और तरंगित हो ध्वनित होती रहे
समुद्र के किनारे, बादलों की गरजन,
औऱ लहरों के गीत ....
और गूंजता रहे
जीवन की
मधुर यात्रा का संगीत।
विशाल भारद्वाज
28.06.2024
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