सनातन कविता
सनातन कविता
यदि शेर अहिंसा वादी हो
तो गीदड़ शोर्य दिखाते हैं ,
यदि गरूड़ सन्यासी हो जाए
तब सर्प पनपते जाते हैं ,
इस अहिंसा के मकड़जाल में
सनातन विनाश आरंभ हुआ
जब अशोक महान ने शस्त्र तजे
भारत विघटन प्रारंभ हुआ।।
जय श्री राम
वन्दे मातरम
भारत माता की जय
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें