संदेश

कविता 28 जून 24

  ब्लॉग 1 कविता लहरों के गीत और जीवन संगीत     समुद्र की गहराई से उठी लहरें,    भूलाएं गमों के दर्द, दुख के फेरे।     बादलों की घनी चादर ऊपर बरसी     हर तरफ बस मुस्काने।     आओ ढूंढ़ ले इन लहरों में      अपने सपने सुहाने .....। जीवन तो है एक रहस्य और अनमोल हैं ये पल , इन लहरों के साथ ही गूंजते है जीवन संगीत के तराने ।             घने  बादलों में  छुपा है              एक रहस्य अनजान,              इस गर्जन में बिजली की  चमक              देती है सन्देश एक अनजान ।।              स्वर्गिक है ये  नजारा              ...

यात्रा 2024 जय माता की

 #यात्रा जारी रहेगी .....अनवरत ...लगातार... 12 अगस्त 2024 को कटरा बस पहुँच गई ,उससे पहले जम्मू कश्मीर सीमा ,लखनपुर चेक पोस्ट पहुंचते ही हमारे सभी प्री पेड़ मोबाइल सिम बन्द हो गई । 13 अगस्त को सुबह 8 बजे करीब कटरा से तारा कोटि मार्ग -हिमकोटी मार्ग से 9 किमी लम्बी चढ़ाई हमने 6.30 घण्टो में पूरी की । बहुत ही सिद्ध तीर्थ है माँ का दर -- चलने की शक्ति हर  छोटे बड़े महिला पुरुष वृद्ध जवान सबको अपने आप पॉजिटिव एनर्जी मिलती है और बन्दा बिना रुके चले जाता है और मां के भवन के करीब आकर थकावट दूर हों जाती है और दर्शन करके पिंडी रूप के कृत कृत हो जाता है । उसके न

14 अगस्त 24 ,माता यात्रा विवरण

 यात्रा --6 अगस्त से 15 अगस्त 24 त कल रात गंगानगर से निकले ,इस बार सुरेश धींगड़ा जी की बस केंसिल ,सवारी नही मिली उन्हें पर्याप्त,पर मेरा भी मन था औऱ बिरसा राम जी का भी ,फिर राजीव भाई भी तैयार था ,औऱ उसने कहा के चलेगे जरूर। फिर अश्वनी बंसल ने बताया के उनकी एक जानकर महिला है सुरेखा ,ssb रोड से ,माता रानी का नाम ले उनके साथ बुक करा दी सीट। और अभी तक बढिया रहा ,सीट हालांकि वो कह रही थी के आगे देंगी पर आश्चर्य10 बजे खिंची चौक पर जब बस RJ19 PA 4197 ,आई और सुरेखा ने हमे हमारी फेवरेट बिल्कुल आगे वाली ड्राइवर के पीछे3 वाली ही अलॉट कर दी ।जय माता दी । अभी नँगल में लक्ष्मी नारायण मंदिर धर्मशाला में ठहरे है ,कल नैना देवी जाना है। मुकेश मैनेजर ने इतनी मिन्नते करवाई और आखिरकार ac कमरा दे दिया । अभी उसी में है । सुबह 6 बजे पटियाला में काली माता मंदिर दर्शन करके ,मनसा देवी मंदिर ,पंचकूला ,चंडीगढ में दर्शन किये । आनंद आया भीड़ नही मिली अभी तक । बस में भी मैंने भी भजन गाये थोड़े ,। 8 अगस्त ,वीरवार ,9.20सुबह अभी बस में बैठे हैं शानदार भजन कीर्तन चल रहा है पूरा माहौल माता की भक्ति के रंग में रंग है । मां...

जो कोई हरिद्वार आता है

 जो कोई हरिद्वार आता है वो मन की पा ही जाता है हमारे आश्रम में आके वो गुरु किरपा पा ही जाता है ये पावन धरा है कनखल की  जहां पर दक्ष विराजे है जहां पर सती कुंड में सत्य का डंका बाजे है।। (इसी कनखल में   परम् पूज्य गुरुदेव परमहंस स्वामी श्री विष्णु देवानन्द गिरिजी महाराज ने ज्ञान की गंगा बहाई थी) --- ये पावन धरा है कनखल की  जहां पर दक्ष विराजे है जहां पर सती कुंड में सत्य का डंका बाजे है।। इसी कनखल में गुरुजी ने ज्ञान की ज्योत जलाई थी उसी ज्योति से प्रकाशित  पूज्य गुरुदेव विराजे है ( उनके राम और कृष्ण सदृश्य शिष्य परम् आदरणीय ,परम् श्रधेय, अर्चनीय वंदनीय महत स्वामी श्री रामानन्द गिरी जी और स्वामी कृष्ण नंद गिरी जी) इसी कनखल में गुरुजी ने ज्ञान की ज्योत जलाई थी उसी ज्योति से प्रकाशित  पूज्य गुरुदेव विराजे है हमारे गुरूद्वय ने ऐसी तप की अलख जगाई है जो दूर दूर से इतने पूज्य सन्तो को ले आई है       --हम भी दर्शन के इनके भक्ति में खो गए है          इनकी उपस्थिति से ही धन्य हो गए है ये शिव भोले की कृपा है और मां गंगा का ...

सनातन कविता

 सनातन कविता यदि शेर अहिंसा वादी हो तो गीदड़ शोर्य दिखाते हैं , यदि गरूड़ सन्यासी हो जाए  तब सर्प पनपते जाते हैं , इस अहिंसा के मकड़जाल में  सनातन विनाश आरंभ हुआ  जब अशोक महान ने शस्त्र तजे  भारत विघटन प्रारंभ हुआ।।  जय श्री राम  वन्दे मातरम  भारत माता की जय

चलते चलते --श्याम गीत 11 जन25

 श्याम गीत 11 जनवरी25 चलते चलते  बाबा के दर पे आ जाएंगे सारे जय श्री श्याम गाएंगे  सब जय श्री श्याम गाएंगे .... चलते-चलते बाबा के दर पे आ जाएंगे  सारे जय श्री श्याम गाएंगे  सब  जय श्री श्याम जाएंगे + हंसते  गाते - सब मिल के आके....  निशान चढ़ाके जाएंगे ---/सब जय श्री श्याम गॉएंगे  तब जय श्री श्याम गाएंगे ....l #रास्ते में रुकना नहीं रास्ते में थकना नहीं₹ बाबा है सन्ग अपने फिर डर काहेका है  हारे के सहारेsss .....हम मिलकर यह गॉएंगे...  सारे जय श्री श्याम गाएंगे तब जय श्री श्याम गाएंग  चलते चलते ... चलते चलते बाबा के दर पे आ जाएंगे सारे जय श्री श्याम गाएंगे -2 हंसते गाते यूं ही  चलते-रिंग्स से खाटू आ जाएगें --सारे जय श्री श्याम गाएंगे-2 बैठा है खाटू में फूलों से खूब  सजाया है बाबा है अपना सा सुंदर  रूप बनाया है-2 बाबासे हम मिलकर हम दिल की बात सुनाएंगे--2 सारे जय श्री श्याम गायेंगे -2       चले  है रिंग्स से       हाथों में निशान लेके -       थकने का काम नही बाबा को स...

कविता बीकाणा पर 29-04-25

 बीकाणा - 29 अप्रेल 2025 बीकानेर की धरती पर अभी हम आके बैठे हैं इस माटी की खुशबू को हम अपना ही बैठे हैं यह धरती है शहीदों की  जहां कुर्बानियां हुई हुई है  इस धरती के समक्ष आकर शीश झुका ही बैठे हैं .... बड़े-बड़े मूर्धन्य लेखक ,कवि ,  साहित्यकार हास्य  रस , वीर रस के कवि और अद्भुत श्रोता में यहां पर विराजमान है तो मेरे दिल के भाव आपको कहना चाहूंगा //जहां  जूनागढ़ से तोपों की आवाज गूंजती थी अब मां करणी के मंदिर की झंकार गूंजती है अब बम बम भोले के जयकारे हर  और छाए हैं  इन मधुर तानो  में हम सब मुस्कुराये है ...  और अंत मे क्या तेरा है ---क्या मेरा है --- यहां सब खो ही जाना है क्या साथ लेके आये थे -जो अब लेके जाना है ये दुनिया है स्वार्थ  की  इसे तो अपने मन की है फिर काहे का घबराना है   कौन किसी के साथ है कौन है बरख़िलाफ़ अब आईने से  भी हमने तो सच उगलवाना है !! पर बेचारा आईना ... चेहरे .....कितने ? आईना तो घबरा उठा क्या दिखाऊ क्या छुपाऊँ इंसान की फितरत के कितने उघड़े चेहरे है , लेकिन आशा ....  है पर दिन वह दूर नही है जब...